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नाना पाटेकर ने तीन राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार जीते, प्रहार निर्देशित की और महाराष्ट्र के सूखा-पीड़ित किसानों के लिए नाम फ़ाउंडेशन की सह-स्थापना की
कला और सिनेमा

नाना पाटेकर ने तीन राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार जीते, प्रहार निर्देशित की और महाराष्ट्र के सूखा-पीड़ित किसानों के लिए नाम फ़ाउंडेशन की सह-स्थापना की

चित्रण: tuput

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नाना पाटेकर, जिनका निधन 8 अक्टूबर 2026 को गोवा में 75 साल की उम्र में हुआ, ने परिंदा, क्रांतिवीर और अग्नि साक्षी के लिए राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार जीते और 2013 में पद्म श्री पाया। उन्होंने 1991 में प्रहार निर्देशित की और सितंबर 2015 में मकरंद अनासपुरे के साथ नाम फ़ाउंडेशन की सह-स्थापना की। महाराष्ट्र सरकार ने पुणे के पास डोंजे में उन्हें राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी।

· · 8 मिनट का पठन

नाना पाटेकर ने तीन राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार जीते, एक फ़िल्म, प्रहार, निर्देशित की, और 2015 में महाराष्ट्र के सूखा-पीड़ित किसानों के लिए एक राहत फ़ाउंडेशन की सह-स्थापना की। उनका निधन गुरुवार 8 अक्टूबर 2026 को गोवा के डोना पावला में उनके घर पर 75 साल की उम्र में दिल का दौरा पड़ने के बाद हुआ।

13 साल की उम्र में पोस्टर पेंटर

उनका जन्म विश्वनाथ पाटेकर के नाम से 1 जनवरी 1951 को मुरुड-जंजीरा में हुआ, जो अब महाराष्ट्र का रायगढ़ ज़िला है, डेक्कन क्रॉनिकल की प्रोफ़ाइल के अनुसार। प्रेस इन्फ़ॉर्मेशन ब्यूरो की 2013 की पद्म सूची उनका पूरा नाम विश्वनाथ दिनकर पाटेकर, उर्फ़ नाना पाटेकर, देती है।

डेक्कन क्रॉनिकल लिखता है कि उनके पिता मिल में काम करते थे और परिवार मुंबई आ गया। 13 साल की उम्र में उन्होंने फ़िल्मों के पोस्टर रँगने की नौकरी की, 35 रुपये महीने और रात को एक वक़्त के खाने पर। बाद में उन्होंने जे. जे. स्कूल ऑफ़ आर्ट में पढ़ाई की और एक विज्ञापन एजेंसी में काम किया। उन्होंने 1970 के दशक की शुरुआत में मराठी नाटकों में अभिनय शुरू किया, और वही प्रोफ़ाइल उनके मंच के काम में हमीदाबाईची कोठी और पुरुष के नाम लेती है।

उनकी पहली फ़िल्म गमन (1978) थी, जिसे मुज़फ़्फ़र अली ने निर्देशित किया था।

परिंदा, क्रांतिवीर और अग्नि साक्षी

राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार सात साल में तीन भूमिकाओं के लिए आए। गल्फ़ न्यूज़ उन्हें सूचीबद्ध करता है: विधु विनोद चोपड़ा की परिंदा (1989) में अंडरवर्ल्ड सरगना अन्ना के लिए सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता; मेहुल कुमार की क्रांतिवीर (1994) में प्रताप नारायण तिलक के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता; और पार्थो घोष की अग्नि साक्षी (1996) में नियंत्रण करने वाले पति विश्वनाथ के लिए सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता। सूचियाँ इस पर अलग हैं कि वे फ़िल्म का वर्ष देती हैं या पुरस्कार दिए जाने का वर्ष, इसलिए परिंदा की वही जीत 1989 या 1990 के अंतर्गत दिखती है, और बाक़ी दोनों के लिए भी एक साल का अंतर है।

परिंदा ने उन्हें सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता का फ़िल्मफ़ेयर पुरस्कार भी दिलाया और वह 1990 के अकादमी पुरस्कारों की विदेशी भाषा श्रेणी के लिए भारत की प्रविष्टि थी, बिना नामांकित हुए, गल्फ़ न्यूज़ जोड़ता है। उसी वृत्तांत के अनुसार क्रांतिवीर ने उन्हें फ़िल्मफ़ेयर का सर्वश्रेष्ठ अभिनेता पुरस्कार दिलाया और वह 1994 की तीसरी सबसे ज़्यादा कमाई वाली हिंदी फ़िल्म थी, और उसके भ्रष्टाचार-विरोधी एकालाप बहुत मशहूर हुए।

बाक़ी सिलसिले में, जैसा गल्फ़ न्यूज़ की श्रद्धांजलि दर्ज करती है, वेलकम (2007) का हास्य-भरा गैंगस्टर उदय शेट्टी, अब तक छप्पन का एनकाउंटर विशेषज्ञ साधु आगाशे, और संजय लीला भंसाली की ख़ामोशी: द म्यूज़िकल का बधिर पिता जोसेफ़ ब्रैगांज़ा शामिल हैं। उसी अख़बार का उनकी राष्ट्रीय पुरस्कार भूमिकाओं पर लेख दो फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ खलनायक पुरस्कार जोड़ता है, अंगार (1992) और अपहरण (2005) के लिए। डेक्कन क्रॉनिकल उनके हाल के काम में ओ’ रोमियो (फ़रवरी 2026) और वेब सीरीज़ संकल्प (2026) के नाम लेता है।

पाटेकर को 2013 में पद्म श्री मिला। पीआईबी की 25 जनवरी 2013 की विज्ञप्ति उन्हें कला श्रेणी में, महाराष्ट्र से, उस साल के 108 पद्म सम्मानों की सूची में 80 पद्म श्री पुरस्कारों के बीच सूचीबद्ध करती है।

प्रहार और मराठा लाइट इन्फेंट्री के साथ तीन साल

प्रहार: द फ़ाइनल अटैक (1991) एकमात्र फ़िल्म थी जो पाटेकर ने निर्देशित की, द प्रिंट बताता है। उन्होंने मुख्य भूमिका, मेजर वी. एस. चव्हाण, भी निभाई, और कहानी मराठा लाइट इन्फेंट्री रेजिमेंट के एक नए प्रशिक्षु का अनुसरण करती है, जिसे गौतम जोगलेकर ने निभाया। द प्रिंट कहता है कि पाटेकर प्रादेशिक सेना में शामिल हुए, जो भारतीय सेना का अंशकालिक रिज़र्व है, और शूटिंग से पहले बेलगावी में रेजिमेंट के साथ प्रशिक्षण लिया।

उस प्रशिक्षण की अवधि उन्होंने ख़ुद बताई। द प्रिंट के उद्धृत एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि एक आम नागरिक छह महीने में कमीशन पा जाता है और वे तीन साल पहले ही प्रशिक्षण ले चुके थे।

सेना से जुड़ाव 1999 में जारी रहा। 2024 में अमिताभ बच्चन द्वारा संचालित कौन बनेगा करोड़पति पर बोलते हुए पाटेकर ने कहा कि वरिष्ठ अफ़सरों ने उन्हें बताया कि किसी नागरिक के सैनिकों के साथ जुड़ने को केवल रक्षा मंत्री जॉर्ज फ़र्नांडिस ही मंज़ूर कर सकते हैं, और कि फ़र्नांडिस ने, उनके कथनानुसार, पूछा कि वे कब जाना चाहते हैं। द वीक उनका वृत्तांत बताता है कि वे लगभग 60 दिन सैनिकों के साथ नियंत्रण रेखा के पास द्रास, लेह, कुपवाड़ा, बारामूला और सोपोर में रहे, और छह दिन श्रीनगर के एक सैन्य अस्पताल में। उन्होंने कहा कि उनका वज़न 76 किलो से घटकर 56 किलो रह गया। युद्ध की कहानी tuput के 16,000 फ़ुट से ऊपर लड़ी गई लड़ाई के वृत्तांत में है।

नटसम्राट और मराठी फ़िल्में

पाटेकर बार-बार मराठी की ओर लौटते रहे। नटसम्राट (2016) में, जिसे महेश मांजरेकर ने निर्देशित किया और जो वी. वी. शिरवाडकर (कुसुमाग्रज) के मराठी नाटक पर आधारित थी, उन्होंने गणपत बेलवलकर निभाया, एक बूढ़ा रंगमंच अभिनेता। गल्फ़ न्यूज़ उस भूमिका के लिए 2017 में फ़िल्मफ़ेयर मराठी का सर्वश्रेष्ठ अभिनेता पुरस्कार दर्ज करता है। फ़िल्म-व्यापार साइट कोइमोई लगभग 7 करोड़ रुपये के बजट के मुक़ाबले भारत में 39 करोड़ रुपये की कमाई बताती है, जो, वह कहता है, फ़िल्म को पाँच सबसे ज़्यादा कमाई वाली मराठी रिलीज़ में रखती है।

नाम फ़ाउंडेशन

सितंबर 2015 में, गंभीर सूखे के बीच, पाटेकर और मराठी अभिनेता मकरंद अनासपुरे ने नाम फ़ाउंडेशन की स्थापना की। ईटीवी भारत कहता है कि नाम उनके नामों के पहले अक्षरों, ना और म, को जोड़ता है। बिज़नेस टुडे बताता है कि पाटेकर ने लगभग 1.5 करोड़ रुपये की कार ख़रीदने की योजना छोड़ दी और वह पैसा मराठवाड़ा और विदर्भ में आत्महत्या करने वाले किसानों के परिवारों को दे दिया। वह कहता है कि पहली मदद विधवाओं और शोक-संतप्त रिश्तेदारों को 15,000 से 25,000 रुपये के चेक थे।

फ़ाउंडेशन फिर पानी की ओर बढ़ा। 2 अक्टूबर 2015 को दोनों संस्थापक वैजापुर तहसील के धोंडल गाँव गए, उस ज़िले में जिसे अब छत्रपति संभाजीनगर कहा जाता है। ईटीवी भारत बताता है कि गाँव में लगभग 11 चेक डैम थे जिनमें गाद की वजह से बहुत कम पानी रुकता था, कि छह महीने में 4.5 किलोमीटर तक गाद साफ़ की गई, और कि गाँव को पिछले दशक भर में पानी के टैंकरों की ज़रूरत नहीं पड़ी।

नदी के काम पर गल्फ़ न्यूज़ की एक शुरुआती रिपोर्ट एक स्वयंसेवक पर्यवेक्षक, राजाभाऊ शेळके, को उद्धृत करती है। उन्होंने कहा कि टीम ने मशीनों से 550 किलोमीटर नदियाँ और जल-स्रोत खोदे थे, जिनमें बीड ज़िले में 110 किलोमीटर नदी-तल शामिल था, और कि एक ठेकेदार, केशवराव आघाव, ने 20 खुदाई मशीनें मुफ़्त में दी थीं।

बिज़नेस टुडे फ़ाउंडेशन के अब तक के काम में 50,908 परिवारों को आपदा राहत, 4,957 विधवाओं की मदद और सेवा में मारे गए 102 सैनिकों के परिवारों को आर्थिक सहायता गिनाता है। ये आँकड़े वैसे ही हैं जैसे बिज़नेस टुडे उन्हें बताता है, और tuput ने कोई ऑडिट किया हुआ विवरण नहीं देखा है।

2018 की शिकायत और वह कैसे ख़त्म हुई

अक्टूबर 2018 में अभिनेत्री तनुश्री दत्ता ने एक घटना पर पुलिस शिकायत दर्ज की, जो उनके अनुसार 23 मार्च 2008 को फ़िल्म Horn Ok Pleassss के एक गाने की शूटिंग के दौरान हुई थी। पाटेकर ने इससे इनकार किया, एनबीसी न्यूज़ बताता है। मुंबई पुलिस ने 2019 में अपर्याप्त सबूत का हवाला देकर क्लोज़र रिपोर्ट दाख़िल की। दत्ता ने इससे असहमति जताई और दिसंबर 2019 में प्रोटेस्ट पिटीशन दाख़िल की।

7 मार्च 2025 को अंधेरी की रेलवे कोर्ट के न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी एन. वी. बंसल ने क्लोज़र रिपोर्ट स्वीकार की, यह मानते हुए कि शिकायत समय-सीमा से बाहर थी। लॉचक्रा आदेश को यह कहते उद्धृत करता है कि पहली घटना के बारे में “न तो यह कहा जा सकता है कि वह झूठी है, न यह कि वह सच है।” अदालत ने तथ्यों पर कोई निष्कर्ष नहीं दिया।

मृत्यु और राजकीय अंतिम संस्कार

द वीक बताता है कि पाटेकर को मणिपाल अस्पताल मृत अवस्था में लाया गया, और कि उन्होंने 8 अक्टूबर को लगभग 2.30 बजे सुबह एक मित्र को सीने में तेज़ दर्द का संदेश भेजा था। चिकित्सा कर्मचारियों ने लगभग 45 मिनट सीपीआर दी। रिपोर्टें मृत्यु का समय सुबह 5.10 बजे (आउटलुक, मणिपाल अस्पताल के डॉ. शेखर साळकर के हवाले से) और 5.20 बजे (द वीक) बताती हैं। पहली रिपोर्टों ने, जिन्हें एनबीसी न्यूज़ ने एसोसिएटेड प्रेस से, पीटीआई के हवाले से, लिया, संदिग्ध कार्डिएक अरेस्ट बताया।

पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 194 के तहत अप्राकृतिक मृत्यु का मामला दर्ज किया। द वीक बताता है कि पुलिस ने इसे मानक प्रक्रिया बताया, जिसे निष्कर्षों से स्वाभाविक कारणों की पुष्टि होने पर बंद किया जाएगा। गोवा मेडिकल कॉलेज, बांबोलिम में पोस्ट-मार्टम हुआ, और वहाँ के एक वरिष्ठ डॉक्टर ने पीटीआई को बताया कि कारण बाईं मुख्य कोरोनरी धमनी के थ्रोम्बोसिस से तीव्र मायोकार्डियल इंफ़ार्क्शन था, एथेरोस्क्लेरोटिक कोरोनरी धमनी रोग के साथ, जिसे रिपोर्ट स्वाभाविक श्रेणी में रखती है। आउटलुक ने यह वृत्तांत 12 अक्टूबर 2026 को छापा।

संस्कृति मंत्री आशीष शेलार ने 8 अक्टूबर को घोषणा की कि महाराष्ट्र सरकार पाटेकर को राजकीय सम्मान देगी, मराठी रंगमंच और मराठी तथा हिंदी सिनेमा में उनके काम का हवाला देते हुए, ऑनमनोरमा के अनुसार। उनकी पार्थिव देह पुणे हवाई अड्डे पहुँची और उसी रात डोंजे में उनके फ़ार्महाउस पर उनका अंतिम संस्कार हुआ। न्यूज़ ऑन एआईआर अंतिम संस्कार से पहले गार्ड ऑफ़ ऑनर बताता है, जिसकी क्रिया उनके बेटे मल्हार ने की, और कहता है कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और सुनेत्रा पवार ने पार्थिव देह के हवाई अड्डे पहुँचने के बाद श्रद्धांजलि दी।

एक और फ़िल्मी हस्ती, मनोज कुमार, का अंतिम संस्कार अप्रैल 2025 में राजकीय सम्मान के साथ हुआ था, और tuput के उनकी फ़िल्मों और अंतिम संस्कार के वृत्तांत में ब्योरे हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पोस्ट ने, जो प्रधानमंत्री कार्यालय की वेबसाइट पर छपी, कहा कि बहुत कम अभिनेताओं में पाटेकर जैसी “तीव्रता, व्यक्तित्व और अचूक उपस्थिति” थी। उसने जोड़ा कि हिंदी और मराठी सिनेमा में उनका योगदान अपार था।

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स्रोत और आगे पढ़ने के लिए

  1. NBC News (AP), 8 October 2026: Indian actor and filmmaker Nana Patekar dies at 75
  2. Prime Minister's Office, 8 October 2026: PM condoles the passing away of Shri Nana Patekar Ji
  3. Press Information Bureau, Ministry of Home Affairs, 25 January 2013: Padma Awards Announced
  4. News On AIR (Prasar Bharati), 9 October 2026: Veteran actor Nana Patekar cremated with full state honours near Pune
  5. Koimoi: Box Office, Natsamrat was Nana Patekar's last successful film, delivering 457% returns
  6. The Week, 9 October 2026: Why did Goa Police register an unnatural death case?
  7. Outlook India, 12 October 2026: Nana Patekar's cause of death revealed, heart attack (post-mortem findings given to PTI)
  8. Onmanorama, 8 October 2026: Nana Patekar to be accorded state honours at funeral, Maharashtra government announces
  9. Gulf News: A gangster, a vigilante and an abusive husband, Nana Patekar's National Award roles
  10. Gulf News: Nana Patekar obituary, a brilliant actor, a mercurial man and a legacy that refuses to be uncomplicated
  11. Deccan Chronicle, October 2026: Actor Nana Patekar, a legacy written in grit and purpose
  12. ThePrint, 8 October 2026: Nana Patekar undertook military training for playing a soldier before he directed Prahaar
  13. The Week, 8 October 2026: When Nana Patekar wanted to join the Indian Army for the Kargil War
  14. ETV Bharat, 8 October 2026: Nana Patekar played a key role in establishing Naam Foundation to help distressed farmers
  15. Business Today, 8 October 2026: Nana Patekar's quiet legacy, the actor poured his fortune and heart into saving India's farmers
  16. Gulf News, Pamela Raghunath: NGO digs in to save water in parched Maharashtra
  17. LawChakra, 7 March 2025: Mumbai court rejects Tanushree Dutta's MeToo complaint against Nana Patekar due to time limit

यह लेख AI उपकरणों की सहायता से शोधित और लिखा गया है, और सटीकता के लिए संपादित किया गया है। यह केवल सामान्य जानकारी और चर्चा के लिए है, पेशेवर सलाह नहीं। हमारे संपादकीय मानक और अस्वीकरण देखें। कोई त्रुटि मिली? हमें बताएँ।

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