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एक AI एजेंट ने प्रयोगशाला में काम करने वाली दवा उम्मीदवार डिज़ाइन कीं, वो भी बिना किसी वैज्ञानिक की निगरानी के

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Anthropic ने Claude को अकेले पूरा प्रोटीन डिज़ाइन अभियान चलाने दिया और उद्योग की सामान्य सफलता दर को दोगुने से भी ज़्यादा पीछे छोड़ दिया, Broadcom ने AI चिप की आपूर्ति बनाए रखने के लिए लगभग 100 अरब डॉलर तक का कर्ज़ जुटाने की तैयारी की, और बीजिंग में 2,056 रोबोट के साथ पांच दिन के खेल शुरू हुए, वहीं दो भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ियों ने 15 साल के इंतज़ार को खत्म किया।

tuput संपादकीय टीम · · 6 मिनट का पठन

Anthropic ने अपने Claude मॉडल को पूरा दवा-खोज अभियान चलाने दिया, वो भी बिना किसी वैज्ञानिक के मार्गदर्शन के, और नतीजे तब भी सही निकले जब दो अलग प्रयोगशालाओं ने उन्हें दोहराने की कोशिश की। Broadcom अगली पीढ़ी के मॉडल बनाने वाली कंपनियों तक चिप की आपूर्ति बनाए रखने के लिए लगभग 100 अरब डॉलर तक का कर्ज़ जुटाने की तैयारी में है। बीजिंग में दो हज़ार से ज़्यादा रोबोट के साथ पांच दिन का एक खेल शुरू हुआ, जो पूरी तरह मशीनों को आपस में मुकाबला करते देखने पर केंद्रित है। और नई दिल्ली में दो भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ियों ने पंद्रह साल पुराना इंतज़ार खत्म कर दिया।

एक AI एजेंट ने बिना किसी की निगरानी के दवा-खोज अभियान चलाया

Anthropic ने Claude को एक ही प्रॉम्प्ट दिया, जिसे एक इंसानी विशेषज्ञ ने लिखा था और जो करीब 30,000 टोकन लंबा था, फिर उसे अकेला छोड़ दिया। एजेंट ने 15 बीमारी-संबंधित प्रोटीन लक्ष्यों पर शोध किया, हर एक के लिए इस्तेमाल होने वाले सार्वजनिक रूप से उपलब्ध डिज़ाइन टूल चुने, उम्मीदवार बाइंडर बनाए, और संश्लेषण के लिए नतीजों को क्रम में रखा। पूरे काम के दौरान किसी इंसानी वैज्ञानिक ने इसका मार्गदर्शन नहीं किया।

इस अभियान ने 1,320 डिज़ाइनों में से 354 काम करने वाले पुष्ट बाइंडर तैयार किए, और 15 में से 14 लक्ष्यों पर सफलता मिली। सेटअप के हिसाब से सफलता दर 22.6 से 35.1 प्रतिशत के बीच रही, जो Anthropic के मुताबिक इस क्षेत्र में सामान्य मानी जाने वाली 10 से 15 प्रतिशत दर से दोगुने से भी ज़्यादा है। दो बाहरी कंपनियों, Adaptyv Bio और Twist Bioscience, ने स्वतंत्र रूप से इन डिज़ाइनों को बनाकर परखा, ताकि यह पुष्टि हो सके कि आंकड़े सिर्फ Anthropic की अपनी प्रयोगशाला की उपज नहीं हैं।

Anthropic ने यह भी साफ किया कि इसका मतलब क्या है और क्या नहीं। एक प्रोटीन बाइंडर कोई दवा नहीं होता। ऐसा बाइंडर खोजना जो अपने लक्ष्य से मज़बूती से चिपके, किसी मरीज़ को दी जा सकने वाली चीज़ बनाने की लंबी प्रक्रिया का बस पहला कदम है। फिर भी, इस पहले कदम को ज़्यादातर इंसानी अभियानों से तेज़ और ज़्यादा सटीक तरीके से पूरा करना एक असली नतीजा है, कोई प्रदर्शन मात्र नहीं।

Broadcom AI की चिप आपूर्ति बनाए रखने के लिए 100 अरब डॉलर तक कर्ज़ लेना चाहता है

Broadcom, Blackstone और Apollo Global Management सहित कई कर्ज़दाताओं के साथ एक ऐसे कर्ज़ पैकेज पर बातचीत कर रहा है जो 100 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। जिस ढांचे पर चर्चा हो रही है उसमें करीब 30 अरब डॉलर का जूनियर कर्ज़ और 60 से 70 अरब डॉलर का सीनियर सिक्योर्ड हिस्सा शामिल है, जिसे एक विशेष प्रयोजन इकाई के ज़रिए जारी किया जाएगा और जिसकी आंशिक गारंटी Broadcom देगा।

यह रकम Anthropic और अन्य AI कंपनियों के लिए कस्टम AI चिप और डेटा सेंटर ढांचे के लिए तय की गई है। इस व्यवस्था के तहत Anthropic सीधे हार्डवेयर नहीं खरीदेगा। इसके बजाय निवेशक खरीद के लिए पैसा लगाएंगे और उपकरण को कंपनी को पट्टे पर देंगे, एक ऐसा ढांचा जो इस कर्ज़ को Anthropic की अपनी बैलेंस शीट से दूर रखता है।

यह जून में Broadcom द्वारा Apollo और Blackstone के साथ की गई साझेदारी पर आधारित है, जिसने अपने पहले दौर में 35 अरब डॉलर जुटाकर Broadcom के कस्टम चिप और नेटवर्किंग उपकरणों की मदद से Anthropic की कंप्यूटिंग क्षमता बढ़ाई थी। मिलकर ये साझेदार 2028 तक 20 गीगावाट से ज़्यादा AI कंप्यूटिंग क्षमता के लिए वित्त जुटाने की बात कर चुके हैं, यानी करीब 20 परमाणु ऊर्जा संयंत्रों जितनी उत्पादन क्षमता। Broadcom, जो Google और Meta के लिए भी कस्टम चिप बनाता है और Anthropic व OpenAI दोनों को आपूर्ति करता है, को उम्मीद है कि अगले साल अकेले उसका AI चिप राजस्व 100 अरब डॉलर पार कर जाएगा।

बीजिंग में पूरी तरह रोबोट पर केंद्रित पांच दिन का खेल शुरू

दूसरे वर्ल्ड ह्यूमनॉइड रोबोट गेम्स शनिवार को बीजिंग के नेशनल स्पीड स्केटिंग ओवल में शुरू हुए, जिसमें 16 देशों की 666 टीमों और 2,056 रोबोट ने हिस्सा लिया। यह पिछले साल हुए पहले संस्करण के मुकाबले टीमों में 138 प्रतिशत और रोबोट की संख्या में 311 प्रतिशत की बढ़ोतरी है।

पांच दिनों में रोबोट 1,301 अलग-अलग मुकाबलों वाले 51 आयोजनों में हिस्सा लेंगे। इनमें से तीस आयोजन सीधे-सादे खेल हैं, जैसे दौड़ और फुटबॉल, बस इंसानों की जगह मशीनों के लिए बनाए गए। बाकी 21 परिदृश्य-आधारित चुनौतियां हैं, जो यह परखती हैं कि रोबोट किसी काम को कैसे संभालता है, न कि वह कितनी तेज़ी से कर सकता है, यानी दौड़ से ज़्यादा एक व्यावहारिक कौशल परीक्षा जैसा। उद्घाटन समारोह में ही एक हज़ार से ज़्यादा ह्यूमनॉइड रोबोट शामिल हुए, जिसकी थीम थी “भविष्य की ओर होड़ लगाती बुद्धिमत्ता।”

यह एक वैज्ञानिक नतीजे से ज़्यादा एक प्रदर्शन है, और इन आयोजनों में खेल की रफ्तार अभी भी उस प्रचार फुटेज से काफी पीछे है जो इनके बारे में फैलती रहती है। लेकिन पिछले साल के मुकाबले टीमों और मशीनों दोनों में आई इस उछाल का स्तर यह ज़रूर बताता है कि ह्यूमनॉइड हार्डवेयर अभी कितनी तेज़ी से बन और तैनात हो रहा है।

भारत ने बैडमिंटन विश्व पदक के लिए 15 साल का इंतज़ार खत्म किया

नई दिल्ली में हो रहे BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप में भारत की त्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद, जो शुरुआत में विश्व रैंकिंग में 39वें स्थान पर थीं, ने तीन वरीयता प्राप्त जोड़ियों को हराकर महिला युगल के सेमीफाइनल तक का सफर तय किया। इतने से ही उन्हें पदक पक्का हो गया था, क्योंकि इस टूर्नामेंट में तीसरे स्थान का मुकाबला खेलने के बजाय दोनों हारने वाली सेमीफाइनलिस्ट जोड़ियों को कांस्य पदक दिया जाता है।

उनका सामना गत चैंपियन और शीर्ष वरीयता प्राप्त चीन की लिउ शेंगशु और तान निंग से हुआ, और वे 71 मिनट तक चले कड़े तीन सेटों के मुकाबले में 21-18, 13-21, 8-21 से हार गईं। इस हार के बावजूद यह एक असली उपलब्धि साबित हुई। यह 2011 लंदन संस्करण में ज्वाला गुट्टा और अश्विनी पोनप्पा के कांस्य पदक जीतने के बाद किसी भारतीय महिला युगल जोड़ी का पहला वर्ल्ड चैंपियनशिप पदक है, और अब तक सिर्फ दूसरी बार है जब किसी भारतीय जोड़ी ने इस स्पर्धा में पदक जीता है।

इनमें से कोई भी चारों कहानी पूरी तरह खत्म नहीं होती। Anthropic के प्रोटीन बाइंडर अभी भी उस चीज़ से बरसों दूर हैं जिसे कोई डॉक्टर मरीज़ को दे सके, Broadcom का वित्त पोषण अभी पूरा नहीं हुआ है, बीजिंग के रोबोट अभी उद्योग से ज़्यादा प्रदर्शनी हैं, और त्रीसा व गायत्री कांस्य पर आराम करने के बजाय अगले बड़े आयोजन में स्वर्ण की तलाश में फिर मैदान में उतरेंगी। इन सबको साथ देखें तो यह इस बात की एक ठीक-ठाक झलक है कि फिलहाल चीज़ें कहां खड़ी हैं: AI चुपचाप असली वैज्ञानिक काम कर रहा है, इसे और आगे चलाने के लिए हार्डवेयर के पीछे भारी पूंजी दौड़ रही है, और नई दिल्ली में दो खिलाड़ी यह साबित कर रही हैं कि अगर आप उस दिन काफी अच्छे हों, तो पंद्रह साल का फासला भी एक ही टूर्नामेंट में मिटाया जा सकता है।

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स्रोत और आगे पढ़ने के लिए

  1. Anthropic: How Claude is accelerating protein design and analytical chemistry
  2. Dataconomy: Anthropic Says Claude Designed Protein Binders For 14 Of 15 Targets
  3. Tech Times: Claude Runs Autonomous Protein Design Campaign, Wet Lab Confirms Twice Industry Hit Rate
  4. Bloomberg: AI Infrastructure Boom Drives Broadcom's $60 Billion Debt Financing Talks
  5. CNBC: Broadcom debt deal expected to reach upwards of $70 billion, sources say
  6. Dealroom: Broadcom seeks over $60B in debt to bankroll AI chips for Anthropic
  7. Yahoo Tech: World Humanoid Robot Games Expands with Record Participation and Fully Autonomous Events
  8. A News: 2nd World Humanoid Robot Games open in Beijing
  9. RobotsBeat: Second World Humanoid Robot Games Opens in Beijing with 2,056 Robots from 16 Countries
  10. Business Standard: Treesa-Gayatri suffer heartbreak vs top seeds, secure BWF Worlds bronze
  11. Olympics.com: BWF World Championships 2026: Treesa Jolly-Gayatri Gopichand win bronze medal after semi-final loss
  12. India.com: BWF World Championships 2026: Treesa Jolly-Gayatri Gopichand lose semi-final to world no. 1 pair, settle for maiden bronze

यह लेख AI उपकरणों की सहायता से शोधित और लिखा गया है, और सटीकता के लिए संपादित किया गया है। यह केवल सामान्य जानकारी और चर्चा के लिए है, पेशेवर सलाह नहीं। हमारे संपादकीय मानक और अस्वीकरण देखें। कोई त्रुटि मिली? हमें बताएँ

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