चित्रण: tuput
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भाकर ने 28 जुलाई 2024 को महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल के फ़ाइनल में 221.7 स्कोर किया और 30 जुलाई को सरबजोत सिंह के साथ मिश्रित टीम का कांस्य दक्षिण कोरिया के ख़िलाफ़ 16-10 से जीता। ओलंपिक्स.कॉम उन्हें एक ही खेल में दो पदक जीतने वाली आज़ाद भारत की पहली खिलाड़ी कहता है। उन्हें 17 जनवरी 2025 को मेजर ध्यानचंद खेल रत्न मिला और 2026 में उन्होंने म्यूनिख़ और हांगझू में विश्व कप पदक जीते।
मनु भाकर ने पेरिस 2024 ओलंपिक में दो कांस्य पदक जीते। उन्होंने 28 जुलाई 2024 को महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल के फ़ाइनल में 221.7 स्कोर किया, फिर 30 जुलाई को सरबजोत सिंह के साथ 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम के कांस्य मुक़ाबले में दक्षिण कोरिया को 16-10 से हराया। ओलंपिक्स.कॉम उन्हें एक ही खेल में दो पदक जीतने वाली आज़ाद भारत की पहली खिलाड़ी कहता है, और सरकार का प्रेस कार्यालय, प्रेस सूचना ब्यूरो (पीआईबी), उन्हें ऐसा करने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी कहता है।
पेरिस में भारत के छह पदकों में से तीन निशानेबाज़ी की रेंज से आए, जो ओलंपिक्स.कॉम के अनुसार किसी एक ओलंपिक में निशानेबाज़ी में भारत के सबसे ज़्यादा पदक हैं, लंदन 2012 के दो से आगे। स्वप्निल कुसाले के कांस्य के साथ भारत के ओलंपिक निशानेबाज़ी पदकों की संख्या सात हो गई।
27 जुलाई को क्वालिफ़ाइंग, 28 जुलाई को फ़ाइनल
महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल शातोरू के नेशनल शूटिंग सेंटर में हुई। ओलंपिक इतिहासकारों का रखा डेटाबेस ओलंपीडिया 33 देशों के 44 निशानेबाज़ों को सूचीबद्ध करता है। 27 जुलाई की क्वालिफ़ाइंग में भाकर को 580 मिला, हंगरी की वेरोनिका मेजर और दक्षिण कोरिया की ओह ये-जिन के पीछे तीसरे स्थान पर, जिन दोनों ने 582 शूट किया। पीआईबी कहता है कि उन्होंने 27 परफ़ेक्ट स्कोर मारे, जो उस राउंड में सबसे ज़्यादा थे, और वे किसी भी ओलंपिक में इस स्पर्धा के फ़ाइनल के लिए क्वालिफ़ाई करने वाली पहली भारतीय महिला थीं। पीआईबी जोड़ता है कि वे 20 साल में किसी व्यक्तिगत ओलंपिक निशानेबाज़ी फ़ाइनल में पहुँचने वाली पहली भारतीय महिला थीं, एथेंस 2004 में सुमा शिरूर के 10 मीटर एयर राइफ़ल फ़ाइनल के बाद।
आठ निशानेबाज़ फ़ाइनल में पहुँचे। ओलंपिक्स.कॉम की रिपोर्ट के अनुसार भाकर ने पहली सीरीज़ में 50.4 से शुरुआत की, जो दूसरे स्थान के लिए काफ़ी थी, और दूसरी सीरीज़ में दो 9.6 के बाद तीसरे स्थान पर खिसक गईं। उन्होंने तीसरी सीरीज़ के अंत में और फ़ाइनल में देर से फिर दक्षिण कोरिया की किम ये-जी से दूसरा स्थान वापस लिया, पर किम स्वर्ण पदक राउंड में जाने के लिए 0.1 अंक से उनसे आगे निकल गईं। ओह ये-जिन ने ओलंपिक रिकॉर्ड 243.2 के साथ स्वर्ण जीता और किम को 241.3 के साथ रजत मिला। ओलंपीडिया के अनुसार भाकर 221.7 पर रहीं, चौथे स्थान की वियतनाम की त्रिन्ह थू विन्ह के 198.6 से आगे।
फ़ाइनल के बाद भाकर ने कहा, जैसा ओलंपिक्स.कॉम उद्धृत करता है: “मैंने रजत .1 से खोया, फिर भी अपने देश के लिए कांस्य जीतने के लिए मैं बहुत आभारी हूँ।”
उसी दिन की मंत्रालय की विज्ञप्ति कहती है कि यह खेलों में भारत का पहला पदक था, लंदन 2012 के बाद भारत का पहला ओलंपिक निशानेबाज़ी पदक, और किसी भारतीय महिला निशानेबाज़ का पहला। टोक्यो 2020 का अंत अलग रहा था। ओलंपिक्स.कॉम बताता है कि टोक्यो के क्वालिफ़ाइंग राउंड में एक पिस्टल की ख़राबी ने उनके छह मिनट खा लिए और वे दो अंक से फ़ाइनल चूक गईं, और ओलंपीडिया उन्हें 12वें स्थान पर दर्ज करता है। ओलंपीडिया जोड़ता है कि उस नतीजे ने उन्हें पढ़ाई पर ध्यान देने के लिए खेल छोड़ने पर सोचने को मजबूर किया था।
30 जुलाई को मिश्रित टीम का कांस्य
मिश्रित टीम स्पर्धा में एक ही देश की एक महिला और एक पुरुष की जोड़ी होती है, जिनमें हर कोई 10 मीटर एयर पिस्टल शूट करता है। क्वालिफ़ाइंग 29 जुलाई को हुई। ओलंपीडिया की तालिका में भारत की पहली जोड़ी, भाकर (291) और सरबजोत सिंह (289), 580 पर 17 जोड़ियों में तीसरे स्थान पर है। पहली और दूसरी जोड़ी स्वर्ण पदक मुक़ाबले में गईं और तीसरी तथा चौथी कांस्य मुक़ाबले में, इसलिए भारत का सामना दक्षिण कोरिया की ओह ये-जिन और ली वोन-हो से हुआ, जो 579 के साथ चौथे स्थान पर क्वालिफ़ाई हुए थे।
भारत ने कांस्य मुक़ाबला 16-10 से जीता, जिसे 30 जुलाई की पीआईबी विज्ञप्ति और ओलंपिक्स.कॉम दोनों बताते हैं। ओलंपिक्स.कॉम के वृत्तांत में भाकर ने 10.2 से शुरुआत की और सिंह के 8.6 ने भारत को पहले दो अंक गँवा दिए। फिर उन्होंने 10.5, 10.4 और 10 शूट किए, जिनसे भारत को अगले छह अंक और 8-2 की बढ़त मिली। दक्षिण कोरिया ने उसे 14-10 तक घटाया, और आख़िरी शॉट्स में ओह ये-जिन ने 9 और उनके साथी ने 9.5, भाकर ने 9.4 और सिंह ने 10.2 मारकर पदक पक्का किया। भारत के 26 शॉट्स में से 19 ने कम से कम 10 बनाए, जबकि दक्षिण कोरिया के 12 ने।
ओलंपिक्स.कॉम के अनुसार यह किसी ग्रीष्मकालीन खेलों में भारत का पहला निशानेबाज़ी टीम-स्पर्धा पदक था और सिंह का पहला ओलंपिक पदक। ओलंपीडिया के अनुसार सर्बिया की ज़ोराना अरुनोविच और दामिर मिकेच ने स्वर्ण जीता और तुर्किये की इलायदा तरहान और यूसुफ़ दिकेच को हराया। पीआईबी कहता है कि सिंह, जो हरियाणा के अंबाला ज़िले के धीन गाँव में जन्मे, 2019 से खेलो इंडिया के खिलाड़ी हैं। पीआईबी की 28 जुलाई की विज्ञप्ति के अनुसार भाकर का जन्म उसी राज्य के झज्जर में हुआ।
रिकॉर्ड के शब्द कैसे रखे गए हैं
पीआईबी की 30 जुलाई की विज्ञप्ति कहती है कि भाकर एक ही ओलंपिक संस्करण में दो पदक जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी हैं। ओलंपिक्स.कॉम कहता है कि वे ऐसा करने वाली आज़ाद भारत की पहली खिलाड़ी हैं, और इस विशेषण की एक वजह है। ओलंपीडिया पेरिस 1900 में नॉर्मन प्रिचर्ड के जीते दो रजत पदक, 200 मीटर और 200 मीटर बाधा दौड़ में, भारत के नाम के नीचे सूचीबद्ध करता है। ओलंपीडिया दर्ज करता है कि ब्रिटेन भी उन्हें अपना बताता है: ब्रिटिश इतिहासकार इयान बुकानन का मत है कि वे ब्रिटिश थे, जबकि भारतीय इतिहासकार गुलु ईज़ेकिएल उन पर उनके जन्म और भारत में बिताए वर्षों के आधार पर दावा करते हैं। tuput का नीरज चोपड़ा का परिचय एथलेटिक्स के लिए यही सवाल उठाता है, और tuput दोनों दावों के बीच फ़ैसला नहीं करता।
दो और भारतीयों ने दो-दो ओलंपिक पदक जीते हैं, अलग-अलग खेलों में। ओलंपिक्स.कॉम पहलवान सुशील कुमार (बीजिंग 2008 में कांस्य, लंदन 2012 में रजत) और बैडमिंटन खिलाड़ी पी.वी. सिंधु (रियो 2016 में रजत, टोक्यो 2020 में कांस्य) के नाम लेता है।
25 मीटर पिस्टल, और सात निशानेबाज़ी पदक
भाकर की एक तीसरी स्पर्धा थी। 25 मीटर पिस्टल में ओलंपीडिया की तालिका उन्हें 2 अगस्त को 590 के साथ दूसरे स्थान पर क्वालिफ़ाई करते दिखाती है, मेजर के 592 के पीछे। 3 अगस्त के फ़ाइनल में दक्षिण कोरिया की यांग जी-इन ने स्वर्ण और फ़्रांस की कैमिल जेद्रजेवस्की ने रजत जीता, दोनों के 37 हिट के साथ, और मेजर ने शूट-ऑफ़ में भाकर को हराकर कांस्य लिया, जिससे भाकर चौथे स्थान पर रहीं।
ओलंपिक्स.कॉम के अनुसार भारत पेरिस में छह पदकों के साथ लौटा, एक रजत और पाँच कांस्य। नीरज चोपड़ा का भाला फेंक का रजत वह अकेला रजत था, और पुरुष हॉकी टीम की स्पेन पर 2-1 की जीत, जो tuput के पेरिस हॉकी लेख में है, एक और कांस्य थी। निशानेबाज़ी के पदक, जैसा ओलंपिक्स.कॉम की सूची उन्हें दर्ज करती है:
- राज्यवर्धन सिंह राठौर, पुरुष डबल ट्रैप, रजत, एथेंस 2004, भारत का पहला ओलंपिक निशानेबाज़ी पदक।
- अभिनव बिंद्रा, पुरुष 10 मीटर एयर राइफ़ल, स्वर्ण, बीजिंग 2008, भारत का पहला व्यक्तिगत ओलंपिक स्वर्ण और टोक्यो 2020 में नीरज चोपड़ा के स्वर्ण तक उसका अकेला।
- विजय कुमार, पुरुष 25 मीटर रैपिड फ़ायर पिस्टल, रजत, लंदन 2012।
- गगन नारंग, पुरुष 10 मीटर एयर राइफ़ल, कांस्य, लंदन 2012, 701.1 के साथ।
- मनु भाकर, महिला 10 मीटर एयर पिस्टल, कांस्य, पेरिस 2024।
- मनु भाकर और सरबजोत सिंह, 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम, कांस्य, पेरिस 2024।
- स्वप्निल कुसाले, पुरुष 50 मीटर राइफ़ल थ्री पोज़िशंस, कांस्य, पेरिस 2024, 451.4 के साथ। चीन के लियू यूकुन ने 463.6 से जीता और यूक्रेन के सेर्ही कुलिश को 461.3 के साथ रजत मिला।
पीआईबी की 28 जुलाई की विज्ञप्ति भाकर को ओलंपिक पदक जीतने वाली पाँचवीं भारतीय निशानेबाज़ बनाती है, राठौर, बिंद्रा, विजय कुमार और नारंग के बाद। ओलंपिक्स.कॉम जोड़ता है कि भारतीय निशानेबाज़ों ने 2004 से 2012 तक लगातार तीन खेलों में पदक जीते, फिर अगले दो में किसी में नहीं।
सहयोग के बारे में मंत्रालय और महासंघ क्या कहते हैं
पेरिस चक्र के आँकड़े पीआईबी की दो विज्ञप्तियों से आते हैं। भाकर के लिए युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम (टॉप्स) के तहत Rs 28,78,634 (लगभग Rs 28.8 लाख) और प्रशिक्षण एवं प्रतियोगिता के वार्षिक कैलेंडर (एसीटीसी) के तहत Rs 1,35,36,155 (लगभग Rs 1.35 करोड़) गिनाता है। मंत्रालय गोला-बारूद और हथियार की सर्विसिंग, पेलेट और गोला-बारूद की जाँच, बैरल के चयन, और लक्ज़मबर्ग में उनके निजी कोच जसपाल राणा के साथ प्रशिक्षण के लिए सहायता भी गिनाता है। सिंह के लिए वह टॉप्स के तहत Rs 20,24,928 और एसीटीसी के तहत Rs 1,26,20,970 गिनाता है, साथ में उनके निजी प्रशिक्षक अभिषेक राणा के शातोरू में खेलों में शामिल होने का ख़र्च। पीआईबी दोनों को टॉप्स खिलाड़ी बताता है जो खेलो इंडिया गेम्स में खेल चुके हैं।
भारतीय राष्ट्रीय राइफ़ल संघ (एनआरएआई) इस खेल का राष्ट्रीय महासंघ है। उसकी वेबसाइट कहती है कि वह अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज़ी खेल महासंघ (आईएसएसएफ़), भारतीय ओलंपिक संघ और तीन अन्य निकायों से संबद्ध है, उसकी 53 संबद्ध राज्य संघ और इकाइयाँ हैं, और वह राष्ट्रीय निशानेबाज़ी चैंपियनशिप प्रतियोगिताएँ चलाता है। वह कहती है कि जो निशानेबाज़ राष्ट्रीय दल के मानक पूरे करते हैं वे कोचिंग शिविरों में प्रशिक्षण लेते हैं जिनका रहना-खाना सरकार देती है, और उन्हें मुफ़्त गोला-बारूद और निशाने मिलते हैं।
खेल रत्न और पेरिस के बाद उनके नतीजे
2 जनवरी 2025 को मंत्रालय ने राष्ट्रीय खेल पुरस्कार 2024 की घोषणा की। मेजर ध्यानचंद खेल रत्न चार लोगों को मिला: शतरंज खिलाड़ी डी. गुकेश, हॉकी कप्तान हरमनप्रीत सिंह, पैरा-एथलीट प्रवीण कुमार और भाकर। सरबजोत सिंह और स्वप्निल कुसाले अर्जुन पुरस्कार पाने वालों में थे। पीआईबी खेल रत्न को पिछले चार वर्षों में किसी खिलाड़ी के सबसे उत्कृष्ट प्रदर्शन का पुरस्कार बताता है। इंडिया टुडे के अनुसार राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 17 जनवरी 2025 को पुरस्कार प्रदान किए।
ओलंपिक्स.कॉम के अनुसार 13 अक्तूबर 2025 को भारतीय ओलंपिक संघ ने नई दिल्ली में पेरिस के पदक विजेताओं के लिए समारोह रखा, जिसमें भाकर शामिल हुईं, और पदक विजेताओं तथा उनके कोचों के लिए नक़द पुरस्कारों की घोषणा की।
आईएसएसएफ़ की समाचार सेवा उनके 2026 के नतीजों की तारीख़ें देती है। 30 मई 2026 को उन्होंने म्यूनिख़ विश्व कप में सम्राट राणा के साथ 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम में रजत जीता, चीन के 483.9 के सामने 483.6 अंक, और मुक़ाबले का सबसे ऊँचा व्यक्तिगत स्कोर, 242.1, शूट किया। 27 जुलाई की उसकी रिपोर्ट कहती है कि उन्होंने हांगझू विश्व कप में महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल में कांस्य लिया, भारत की ईशा सिंह के पीछे, जिन्होंने स्वर्ण जीता। 17 सितंबर की रैंकिंग अपडेट ने बताया कि जुलाई से भाकर महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल में 10वें से चौथे स्थान पर आ गई हैं। आइची-नागोया के एशियाई खेलों में वे महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल में पाँचवें स्थान पर रहीं, जिसे दक्षिण कोरिया की चू गा-ऊन ने एशियाई रिकॉर्ड 246.3 के साथ जीता, आईएसएसएफ़ ने 23 सितंबर को बताया।
आईएसएसएफ़ का एथलीट डेटाबेस, अक्तूबर 2026 में पढ़ा गया, उन्हें दो ओलंपिक कांस्य पदक और 17 विश्व कप पदक के साथ सूचीबद्ध करता है: आठ स्वर्ण, चार रजत और पाँच कांस्य।
स्रोत और आगे पढ़ने के लिए
- Press Information Bureau, Ministry of Youth Affairs and Sports: Manu Bhaker Wins Bronze Medal in 10m Air Pistol at Paris Olympics 2024 (28 July 2024)
- Press Information Bureau, Ministry of Youth Affairs and Sports: Manu Bhaker And Sarabjot Singh Win Bronze Medal for India in Mixed 10m Air Pistol Team Event (30 July 2024)
- Press Information Bureau, Ministry of Youth Affairs and Sports: Ministry of Youth Affairs and Sports Announces National Sports Awards 2024 (2 January 2025)
- National Rifle Association of India: Introduction
- ISSF: Manu Bhaker, athlete profile and results
- ISSF: World Cup Munich 2026, China edges India in dramatic 10m Air Pistol Mixed Team final (30 May 2026)
- ISSF: World Cup Hangzhou 2026, Esha Singh delivers commanding display to reclaim World Cup gold (27 July 2026)
- ISSF: Rankings, five athletes make significant moves since July (17 September 2026)
- ISSF: Asian Games Aichi-Nagoya 2026, China and Qatar take double gold as shooting competition continues (23 September 2026)
- Olympics.com: Paris 2024, Manu Bhaker becomes first Indian woman to win an Olympic shooting medal, bags 10m air pistol bronze (28 July 2024)
- Olympics.com: How many medals have Indian shooters won at the Olympics? (updated 1 August 2024)
- Olympics.com: India at Paris 2024 Olympics, Day 4, as it happened (30 July 2024)
- Olympics.com: India's Paris 2024 Olympic medallists felicitated at ceremony in New Delhi (13 October 2025)
- Olympedia: Air Pistol (10 metres), Women, 2024 Summer Olympics, full results
- Olympedia: Air Pistol, Team (10 metres), Mixed, 2024 Summer Olympics, full results
- Olympedia: Sporting Pistol (25 metres), Women, 2024 Summer Olympics, full results
- Olympedia: Norman Pritchard, athlete biography and 1900 results
- India Today: Manu Bhaker on Olympic medal's quality after Khel Ratna honour (17 January 2025)
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