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पी. वी. सिंधु के नाम दो ओलंपिक पदक हैं, रियो 2016 का रजत और टोक्यो 2020 का कांस्य, और विश्व चैंपियनशिप के पाँच पदक, जिनमें बासेल का 2019 का स्वर्ण शामिल है
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पी. वी. सिंधु के नाम दो ओलंपिक पदक हैं, रियो 2016 का रजत और टोक्यो 2020 का कांस्य, और विश्व चैंपियनशिप के पाँच पदक, जिनमें बासेल का 2019 का स्वर्ण शामिल है

चित्रण: tuput

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सिंधु ने 19 अगस्त 2016 के रियो फ़ाइनल में रजत और 1 अगस्त 2021 को टोक्यो 2020 में कांस्य जीता, उसी मैच के बाद प्रेस सूचना ब्यूरो ने उन्हें दो ओलंपिक पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला कहा। 25 अगस्त 2019 को बासेल में उन्होंने नोज़ोमी ओकुहारा को 21-7 21-7 से हराकर विश्व खिताब जीता, और जुलाई 2026 में जापान ओपन सुपर 750 जीता।

· · 7 मिनट का पठन

पी. वी. सिंधु ने दो ओलंपिक पदक जीते हैं, रियो 2016 में रजत और टोक्यो 2020 में कांस्य, और बैडमिंटन विश्व महासंघ (BWF) की विश्व चैंपियनशिप में पाँच पदक, जिनमें आख़िरी 2019 का स्वर्ण है। 1 अगस्त 2021 को प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB), यानी भारत सरकार के प्रेस कार्यालय, ने कहा कि टोक्यो के कांस्य के साथ वे दो ओलंपिक पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बन गईं।

PIB और ओलंपिक आँकड़ों के डेटाबेस ओलंपीडिया, दोनों उनका जन्म 5 जुलाई 1995 को हैदराबाद में बताते हैं। उनके सबसे ताज़ा नतीजे हैं 19 जुलाई 2026 का जापान ओपन सुपर 750 खिताब और 25 अक्टूबर 2026 का फ्रेंच ओपन फ़ाइनल।

19 अगस्त 2016 का रियो फ़ाइनल

स्पेन की कैरोलिना मारिन ने 19 अगस्त 2016 को रियो 2016 के महिला एकल फ़ाइनल में 19-21 21-12 21-15 से जीत दर्ज की (मारिन का स्कोर पहले, जैसा BWF देता है), और सिंधु को रजत मिला। BWF की मैच रिपोर्ट के अनुसार फ़ाइनल 80 मिनट चला, और मारिन महिला एकल की पहली ग़ैर-एशियाई ओलंपिक चैंपियन बनीं।

रियो सिंधु का पहला ओलंपिक था, और BWF के ब्योरे में वे ख़िताब के लिए खेल रही थीं। पहले गेम में मारिन 19-16 से आगे थीं, और सिंधु ने आख़िरी पाँच अंक जीतकर उसे 21-19 से अपने नाम किया। मारिन ने अगले दो गेम जीते, और BWF के अनुसार तीसरे गेम की शुरुआत उन्होंने 5-1 की बढ़त से की।

जापान की नोज़ोमी ओकुहारा सेमीफ़ाइनल में सिंधु से हार गई थीं, BWF अपनी 2017 की विश्व फ़ाइनल रिपोर्ट में यह दर्ज करता है। फ़ाइनल के बाद 21 साल की सिंधु ने कहा कि वे “सातवें आसमान पर” हैं, और बैडमिंटन में रजत पदक जीतने वाली पहली भारतीय होने की बात की।

टोक्यो 2020, जो 2021 में खेला गया

टोक्यो 2020 2021 में हुआ, और सिंधु ने 1 अगस्त 2021 को कांस्य पदक के मैच में चीन की हे बिंग जियाओ को 21-13 21-15 से हराया, BWF और PIB दोनों यह बताते हैं। उनका सेमीफ़ाइनल चीनी ताइपे की ताई ज़ू यिंग के नाम रहा, जो फिर स्वर्ण पदक के मैच में चीन की चेन यू फ़ेई से तीन गेम में हार गईं, इसलिए कांस्य का मैच सिंधु का था।

उस शाम की PIB विज्ञप्ति ने सिंधु को दो ओलंपिक पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला कहा और पहलवान सुशील कुमार को दो पदकों वाला एकमात्र दूसरा भारतीय बताया। वहाँ उद्धृत राष्ट्रपति के संदेश में उन्हें दो ओलंपिक खेलों में पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बताया गया। तब से मनु भाकर ने एक ही खेलों में दो पदक जीते हैं, जैसा कि tuput के भाकर और पेरिस 2024 पर लेख में है।

सिंधु के कांस्य के चार दिन बाद पुरुष हॉकी टीम ने अपना कांस्य जीता, जैसा भारत के दो ओलंपिक हॉकी कांस्य के ब्योरे में दर्ज है, और उन्हीं खेलों ने भारत को नीरज चोपड़ा का भाला-फेंक स्वर्ण भी दिया।

ओलंपीडिया उन्हें और टेबल टेनिस खिलाड़ी शरत कमल को पेरिस 2024 के उद्घाटन समारोह में भारत के ध्वजवाहक बताता है, और वहाँ उनका एकल में अंतिम स्थान संयुक्त नौवाँ दर्ज करता है।

विश्व चैंपियनशिप के पाँच पदक और बासेल का स्वर्ण

BWF के पोडियम पन्ने और मैच रिपोर्टें सिंधु को महिला एकल के पोडियम पर पाँच बार दिखाती हैं। पदक हैं: 2013 और 2014 में कांस्य, 2017 और 2018 में रजत, और 2019 में स्वर्ण।

ओकुहारा ने 2017 का फ़ाइनल ग्लासगो में 21-19 20-22 22-20 से जीता। मैच 110 मिनट चला, जो रिकॉर्ड में महिला एकल का दूसरा सबसे लंबा मैच है, BWF के अनुसार। सिंधु ने 73 शॉट की रैली के बाद दूसरा गेम 22-20 से जीता और तीसरे में 19-17 से आगे थीं। एक साल बाद, नानजिंग में, वे फ़ाइनल मारिन से हार गईं, BWF की बासेल रिपोर्ट यह याद दिलाती है।

25 अगस्त 2019 को बासेल में ओकुहारा से एक और मुक़ाबला हुआ। सिंधु ने सेंट जैकोबशाले में लगभग 9,000 दर्शकों के सामने 38 मिनट में 21-7 21-7 से जीत दर्ज की, BWF के अनुसार, और रास्ते में उन्होंने बेइवेन झांग, ताई ज़ू यिंग और चेन यू फ़ेई को हराया। BWF ने उन्हें अपने देश की पहली विश्व चैंपियनशिप विजेता कहा। 24 साल की उम्र में उन्होंने अपनी माँ के जन्मदिन पर यह जीत हासिल की।

“यह उन लोगों को मेरा जवाब है जो मुझसे बार-बार सवाल पूछते रहे हैं,” सिंधु ने बाद में कहा। पोडियम के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि जब उन्होंने ख़ुद को विश्व चैंपियन कहे जाते सुना और भारतीय झंडा ऊपर जाते देखा, तो उनके “रोंगटे खड़े हो गए”, और कि “बैडमिंटन मेरा जुनून है और मुझे लगता है कि मैं और ख़िताब जीत सकती हूँ।“

राष्ट्रमंडल खेल, एशियाई खेल और 2018 के वर्ल्ड टूर फ़ाइनल्स

उनके राष्ट्रमंडल खेलों के पदकों की शुरुआत ग्लासगो 2014 के एकल कांस्य से होती है, जिसे ओलंपीडिया दर्ज करता है। गोल्ड कोस्ट 2018 में मिश्रित टीम स्वर्ण आया, PIB की प्रोफ़ाइल और ओलंपीडिया दोनों सहमत हैं, और एकल रजत, 15 अप्रैल 2018 को सभी-भारतीय फ़ाइनल में साइना नेहवाल से 21-18 23-21 से हारने के बाद, BWF के अनुसार। बर्मिंघम 2022 में 8 अगस्त 2022 को एकल स्वर्ण आया, जो खेलों का आख़िरी दिन था, जैसा PIB की पदक विज्ञप्ति दिखाती है। खेल 2030 में भारत में होने वाले हैं, जैसा अहमदाबाद के चयन पर tuput की रिपोर्ट बताती है।

ओलंपीडिया एशियाई खेलों में इंचियोन 2014 का टीम कांस्य और जकार्ता 2018 का एकल रजत दर्ज करता है। जकार्ता के फ़ाइनल में 28 अगस्त 2018 को ताई ज़ू यिंग ने उन्हें 21-13 21-16 से हराया, BWF की रिपोर्ट के अनुसार।

16 दिसंबर 2018 को उन्होंने HSBC BWF वर्ल्ड टूर फ़ाइनल्स के फ़ाइनल में ओकुहारा को 21-19 21-19 से हराया, जिसे BWF सीज़न-अंत के इस टूर्नामेंट में पहली भारतीय जीत कहता है। उस साल कोई ख़िताब नहीं आया था, और BWF की रिपोर्ट उनकी पिछली फ़ाइनल हारों को गिनाती है: रियो 2016, 2017 की विश्व चैंपियनशिप, 2017 के दुबई वर्ल्ड सुपरसीरीज़ फ़ाइनल्स, और 2018 की विश्व चैंपियनशिप और एशियाई खेल।

महबूब अली के कोर्ट से गोपीचंद अकादमी तक

PIB की 2021 की प्रोफ़ाइल कहती है कि सिंधु के माता-पिता दोनों राष्ट्रीय स्तर के वॉलीबॉल खिलाड़ी थे, और उनके पिता अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित हैं। बैडमिंटन उन्होंने 8 साल की उम्र में कोच महबूब अली के साथ शुरू किया, सिकंदराबाद में इंडियन रेलवे इंस्टीट्यूट ऑफ़ सिग्नल इंजीनियरिंग एंड टेलीकम्युनिकेशंस के कोर्ट पर शुरुआती बातें सीखीं, और वहाँ पहुँचने के लिए रोज़ 56 किलोमीटर का सफ़र किया। इसके बाद पुलेला गोपीचंद बैडमिंटन अकादमी आई, जहाँ उन्होंने अंडर-10 वर्ग में कई ख़िताब जीते।

प्रोफ़ाइल गोपीचंद और उनकी अकादमी के अन्य लोगों को उनके विकास-कोच बताती है और 2018 से उनके एलीट कोच पार्क ताए सांग को उनका निजी कोच बताती है। उसके अनुसार उनका प्रशिक्षण-आधार अकादमी और गचीबौली का बालयोगी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स है, जहाँ गोपीचंद राष्ट्रीय कोच हैं। ओलंपीडिया उनकी संबद्धता गोपीचंद बैडमिंटन अकादमी बताता है।

गोल्ड कोस्ट के एकल फ़ाइनल के बाद भारत के तत्कालीन मुख्य कोच गोपीचंद ने कहा कि बैडमिंटन टीम का हर प्रदर्शन अच्छा रहा, और उन्होंने “महिला एकल फ़ाइनल में साइना और सिंधु” का नाम लिया, BWF के अनुसार।

खेल मंत्रालय की 1 अगस्त 2021 की प्रोफ़ाइल अपनी TOPS और ACTC योजनाओं के ज़रिये 3,97,79,180 रुपये (लगभग 3.98 करोड़ रुपये) की सहायता और ओलंपिक चक्र में 52 अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए वित्तीय सहायता दर्ज करती है।

सम्मान

वही प्रोफ़ाइल अर्जुन पुरस्कार (2013), पद्म श्री (2015), राजीव गांधी खेल रत्न (2016) और पद्म भूषण (2020) गिनाती है। 25 जनवरी 2015 को घोषित पद्म पुरस्कार 2015 की PIB सूची उनका नाम खेल श्रेणी में, तेलंगाना के साथ, दर्ज करती है। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने 29 अगस्त 2016 को राष्ट्रपति भवन में उन्हें खेल रत्न प्रदान किया, जिमनास्ट दीपा कर्माकर, निशानेबाज़ जीतू राय और पहलवान साक्षी मलिक के साथ।

2026 के नतीजे, 27 अक्टूबर तक

सिंधु ने 19 जुलाई 2026 को दाइहात्सु जापान ओपन सुपर 750 जीता, घरेलू पसंदीदा अकाने यामागुची को 21-17 21-17 से हराकर। BWF के अनुसार इससे पहले उनका आख़िरी बड़ा ख़िताब 2019 की विश्व चैंपियनशिप में आया था और आख़िरी सुपर 500 ख़िताब मई 2022 के सिंगापुर ओपन में। सुपर 300 स्तर का सैयद मोदी इंटरनेशनल उनका आख़िरी ख़िताब था, 19 महीने पहले का, उन्होंने बताया, और यह जीत “मेरे लिए बहुत अहम” थी।

अगस्त 2026 में नई दिल्ली की विश्व चैंपियनशिप में वे अंतिम 16 के दौर तक पहुँचीं और तीसरी वरीयता प्राप्त चीन की वांग झी यी से 21-11 15-21 21-17 से हार गईं। BWF की यादगार मैचों की समीक्षा कहती है कि तीसरे गेम में सिंधु ने वांग को मुश्किल में डाल दिया था, और मैच 88 मिनट चला।

पेरिस में फ्रेंच ओपन में वे फ़ाइनल तक पहुँचीं, पहला गेम जीता और फिर 25 अक्टूबर 2026 को विश्व नंबर 1 आन से यंग से 16-21 21-11 21-12 से मैच हार गईं। BWF के अनुसार यह आन का चौथा फ्रेंच ओपन महिला एकल ख़िताब था।

सारब्रुकन में हाइलो ओपन 27 अक्टूबर 2026 को शुरू हुआ, जिसमें सिंधु दूसरी वरीयता पर थीं और पहले मुक़ाबले में उनका सामना यूएई की प्रकृति भरत से था।

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स्रोत और आगे पढ़ने के लिए

  1. Press Information Bureau, Ministry of Youth Affairs and Sports: Shuttler P V Sindhu bags bronze medal in Tokyo Olympics, becomes the first Indian woman to win two Olympic medals (1 August 2021)
  2. Press Information Bureau, Ministry of Youth Affairs and Sports: President Shri Pranab Mukherjee Confers National Sports & Adventure Awards 2016 (29 August 2016)
  3. Press Information Bureau, Ministry of Home Affairs: Padma Awards 2015 (25 January 2015)
  4. Press Information Bureau, Ministry of Youth Affairs and Sports: India clinches 6 medals including 4 Gold on the final day of Commonwealth Games 2022 (8 August 2022)
  5. BWF: Latina Carolina Reigns! Women's Singles Final, Rio 2016 (19 August 2016)
  6. BWF: Chen Reclaims Crown for China, Tokyo 2020 (2 August 2021)
  7. BWF: Gold, At Last! Basel 2019 (25 August 2019)
  8. BWF: Results, BWF World Championships 2013, podium
  9. BWF: Results, Li-Ning BWF World Championships 2014, podium
  10. BWF: Okuhara Prevails in Epic, Singles Finals, TOTAL BWF World Championships 2017 (28 August 2017)
  11. BWF: Lee, Nehwal Triumphant, Finals, XXI Commonwealth Games (16 April 2018)
  12. BWF: Christie, Tai Emerge Champs, Finals, Asian Games 2018 (28 August 2018)
  13. BWF: Guts and Glory! Singles Finals, HSBC BWF World Tour Finals 2018 (16 December 2018)
  14. BWF: Japan Open, Pusarla Breaks Title Drought (19 July 2026)
  15. BWF: World Championships Review, Memorable Matches (29 August 2026)
  16. BWF: French Open, Iconic Triple Triumphs (26 October 2026)
  17. BWF: Hylo Open, Pusarla Leads Strong Indian Challenge (27 October 2026)
  18. Olympedia: P. V. Sindhu

यह लेख AI उपकरणों की सहायता से शोधित और लिखा गया है, और सटीकता के लिए संपादित किया गया है। यह केवल सामान्य जानकारी और चर्चा के लिए है, पेशेवर सलाह नहीं। हमारे संपादकीय मानक और अस्वीकरण देखें। कोई त्रुटि मिली? हमें बताएँ।

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