चित्रण: tuput
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इसरो अध्यक्ष वी नारायणन ने 24 अक्टूबर 2026 को चेन्नई में कहा कि भारत की प्रक्षेपण क्षमता 2029 तक दो पैड से बढ़कर चार हो जाएगी। नए पैड हैं श्रीहरिकोटा का तीसरा पैड, जिसे 3,984.86 करोड़ रुपये पर मंज़ूरी मिली है, और थूथुकुड़ी ज़िले में SSLV का समर्पित लॉन्च कॉम्प्लेक्स।
इसरो के अध्यक्ष वी नारायणन ने शनिवार, 24 अक्टूबर 2026 को कहा कि 2029 तक भारत के पास चार चालू लॉन्च पैड होंगे, जबकि आज श्रीहरिकोटा में दो हैं। वे चेन्नई के एक निजी विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में बोल रहे थे, और उनकी बातें न्यू इंडियन एक्सप्रेस ने PTI के हवाले से छापीं। दो नए पैड हैं: श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र में तीसरा लॉन्च पैड, और तमिलनाडु के थूथुकुड़ी ज़िले के कुलसेकरपट्टिनम में स्मॉल सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल (SSLV) का समर्पित लॉन्च कॉम्प्लेक्स।
नारायणन ने कुलसेकरपट्टिनम स्थल को 2,000 एकड़ का कॉम्प्लेक्स बताया, जिसमें इंटीग्रेशन भवन, लॉन्च पैड, रेल-ट्रैक प्रणालियाँ और टेलीमेट्री, ट्रैकिंग व कमांड प्रणालियाँ हैं। उन्होंने कहा कि इसरो का निजीकरण नहीं होगा, बल्कि उपग्रह प्रक्षेपण की माँग बढ़ने पर वह “स्टार्टअप और निजी उद्यमों का हाथ थामेगा”। मनीकंट्रोल ने 26 अक्टूबर को यही बातें छापते हुए जोड़ा कि असल क्षमता निर्माण, कमीशनिंग और रॉकेटों की उपलब्धता पर निर्भर करेगी।
अभी चालू दो पैड
जनवरी 2025 की कैबिनेट विज्ञप्ति बताती है कि मौजूदा पैड क्या करते हैं। भारत के प्रक्षेपण यान प्रथम लॉन्च पैड और द्वितीय लॉन्च पैड पर निर्भर हैं, दोनों श्रीहरिकोटा में हैं। प्रथम लॉन्च पैड लगभग 30 साल पहले PSLV के लिए बना था और SSLV को भी सँभालता है। द्वितीय लॉन्च पैड मुख्य रूप से GSLV और LVM3 के लिए बना, लगभग 20 साल से काम कर रहा है और उसी से चंद्रयान-3 छोड़ा गया। विज्ञप्ति के अनुसार उसे गगनयान मिशनों के लिए मानव-योग्य LVM3 के वास्ते तैयार किया जा रहा है, जिनमें पहला मानवरहित G1 उड़ान है।
अब निजी रॉकेट भी उसी अंतरिक्ष-बंदरगाह को साझा करते हैं। इसरो के अनुसार स्काईरूट का विक्रम-1 18 जुलाई 2026 को श्रीहरिकोटा से कक्षा में पहुँचा, जो किसी निजी भारतीय कंपनी का पहला कक्षीय प्रक्षेपण है।
श्रीहरिकोटा का तीसरा पैड
केंद्रीय कैबिनेट ने तीसरे लॉन्च पैड को 16 जनवरी 2025 को पैड और उससे जुड़ी सुविधाओं के लिए कुल 3,984.86 करोड़ रुपये पर मंज़ूरी दी। विज्ञप्ति के अनुसार इसे इसरो के नेक्स्ट जनरेशन लॉन्च व्हीकल, अर्ध-क्रायोजेनिक चरण वाले LVM3 और नए यान के बड़े संस्करणों के लिए बनाया गया है। यह द्वितीय लॉन्च पैड का स्टैंडबाय भी होगा और भावी मानव अंतरिक्ष उड़ान मिशनों के लिए क्षमता जोड़ेगा।
विज्ञप्ति इस पैड को दो लक्ष्यों से जोड़ती है, 2035 तक भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन और 2040 तक चंद्रमा पर भारतीय का क्रू सहित उतरना, और कहती है कि इनके लिए ज़रूरी भारी यानों को मौजूदा पैड सँभाल नहीं सकते। उसने 48 महीने, यानी चार साल का लक्ष्य रखा है।
द ट्रिब्यून ने अगस्त 2025 में सरकार के संसद को दिए जवाब के हवाले से चार पड़ाव गिनाए: सिविल कार्य मई 2028 तक, तरल प्रणालियाँ और प्रणोदक भंडारण जुलाई 2028 तक, पैड सुविधाएँ सितंबर 2028 तक और कमीशनिंग मार्च 2029 तक। चार पैड के लिए अध्यक्ष की 2029 वाली तारीख इसी कार्यक्रम से मेल खाती है।
कुलसेकरपट्टिनम ही क्यों
इसरो के अनुसार तमिलनाडु का यह कॉम्प्लेक्स मुख्य रूप से SSLV के ध्रुवीय प्रक्षेपणों के लिए है, जो 500 किलो तक के उपग्रह ले जाता है। वह जोड़ता है कि SSLV झुकी हुई कक्षाओं के लिए श्रीहरिकोटा से और ध्रुवीय कक्षाओं के लिए कुलसेकरपट्टिनम से उड़ सकता है।
टेकक्रंच की शिलान्यास-दिवस की रिपोर्ट इसका कारण ईंधन के हिसाब से बताती है। श्रीहरिकोटा से ध्रुवीय कक्षा की ओर जाने वाले रॉकेट को श्रीलंका से बचने के लिए दक्षिण की ओर मुड़ना पड़ता है, जिसमें ईंधन लगता है, जबकि कुलसेकरपट्टिनम से हिंद महासागर के ऊपर सीधे दक्षिण की ओर प्रक्षेपण हो सकता है। ईटीवी भारत की दिसंबर 2025 की रिपोर्ट, जो सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र के निदेशक ई एस पद्मकुमार के साथ PTI की बातचीत पर आधारित है, कहती है कि स्थल के दक्षिण में कोई ज़मीन नहीं है।
अब तक क्या बना है
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28 फ़रवरी 2024 को इस कॉम्प्लेक्स की आधारशिला रखी। बिज़नेस स्टैंडर्ड ने लागत लगभग 986 करोड़ रुपये बताई, जिसमें साल में 24 प्रक्षेपण और 35 सुविधाओं की गुंजाइश है। टेकक्रंच के अनुसार इसरो ने उसी दिन इस स्थल से रोहिणी RH-200 साउंडिंग रॉकेट दागा।
इसरो के मुताबिक मुख्य सुविधाओं का निर्माण 5 मार्च 2025 को तीन सुविधाओं के भूमि-पूजन के साथ शुरू हुआ: दो ऊपरी-चरण असेंबली भवन और एक लॉन्च सर्विस भवन। 27 अगस्त 2025 को नारायणन ने लॉन्च पैड की नींव रखी। इसरो की 29 अगस्त 2025 की विज्ञप्ति में कहा गया कि 33 प्रमुख सुविधाओं में से 32 पर निर्माण चल रहा है, और कॉम्प्लेक्स की बाकी चीज़ें गिनाई गईं: यान इंटीग्रेशन भवन, रेल ट्रैक प्रणालियाँ, रेंज प्रणालियाँ, चेकआउट प्रणालियाँ, टेलीमेट्री और टेलीकमांड, सुरक्षा और अग्निशमन सुविधाएँ तथा नागरिक सुविधाएँ। उसमें यह भी जोड़ा गया कि मोबाइल लॉन्च स्ट्रक्चर, प्लेटफ़ॉर्म और कंपन-विलगन प्रणालियाँ श्रीहरिकोटा केंद्र ने डिज़ाइन कीं, और रडार तथा टेलीमेट्री उपकरण इसरो के भीतर और उद्योग भागीदारों के ज़रिये बनाए जा रहे हैं।
रिपोर्टों में स्थल का क्षेत्रफल अलग-अलग मिलता है: अध्यक्ष की अक्टूबर 2026 की बातों में 2,000 एकड़, डेक्कन क्रॉनिकल की अगस्त 2025 की कवरेज में 2,300 एकड़ और टेकक्रंच की 2024 की रिपोर्ट में 2,350 एकड़। डीटी नेक्स्ट ने अगस्त 2026 में दैनिक थांती के हवाले से अधिग्रहीत भूमि 2,233 एकड़ बताई।
इसका उपयोग कौन करेगा
इसरो के अनुसार कॉम्प्लेक्स SSLV प्रक्षेपणों और गैर-सरकारी संस्थाओं के रॉकेटों के लिए है। SSLV तीन चरणों वाला, पूरी तरह ठोस ईंधन का यान है, जिसे इसरो ने जल्दी-जल्दी प्रक्षेपण के लिए डिज़ाइन किया। स्पेसन्यूज़ के अनुसार SSLV-D3 ने 16 अगस्त 2024 को उड़ान भरी, और तब के इसरो अध्यक्ष एस सोमनाथ ने यान की विकास प्रक्रिया पूरी होने की घोषणा की।
उत्पादन अब उद्योग के हाथ में जा रहा है। इसरो के अनुसार 10 सितंबर 2025 को न्यूस्पेस इंडिया लिमिटेड, इसरो, IN-SPACe और हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड ने SSLV के लिए प्रौद्योगिकी हस्तांतरण समझौते पर हस्ताक्षर किए। डेक्कन हेराल्ड ने बताया कि HAL ने दो अन्य कंसोर्टियमों के मुक़ाबले 511 करोड़ रुपये की बोली से ठेका जीता, और दो साल में वह इसरो की मदद से दो SSLV बनाएगा। उसके बाद, IN-SPACe के अध्यक्ष पवन कुमार गोयनका के अनुसार, वह डिज़ाइन बदल सकता है और अपने आपूर्तिकर्ताओं का इस्तेमाल कर सकता है। निजी कंपनियों को प्रक्षेपण की अनुमति कैसे मिलती है, यह 2023 की अंतरिक्ष नीति पर हमारी व्याख्या में है।
तमिलनाडु पड़ोस की तैयारी कर रहा है। राज्य की स्पेस इंडस्ट्रियल पॉलिसी 2025 कुलसेकरपट्टिनम को भारत का दूसरा अंतरिक्ष-बंदरगाह कहती है और प्रक्षेपण-यान स्टार्टअप अग्निकुल कॉसमॉस को तमिलनाडु की अंतरिक्ष कंपनियों में गिनाती है।
तारीखें, 5 नवंबर 2026 तक
रविवार, 1 नवंबर 2026 को चेन्नई हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बात करते हुए नारायणन ने कहा कि कुलसेकरपट्टिनम से पहले रॉकेट की उम्मीद मार्च या अप्रैल 2027 में है, डीटी नेक्स्ट और डेक्कन क्रॉनिकल के अनुसार। अगस्त 2025 में उन्होंने कहा था कि कॉम्प्लेक्स का सारा काम दिसंबर 2026 तक पूरा हो जाएगा, और रॉकेट प्रक्षेपण 2026 की चौथी तिमाही में तय है। तीसरे लॉन्च पैड की कमीशनिंग की तारीख, संसद को सरकार के जवाब में, मार्च 2029 है।
स्रोत और आगे पढ़ने के लिए
- The New Indian Express: ISRO plans four operational launch pads by 2029, says chairman V Narayanan (25 October 2026)
- Moneycontrol: India to get 4 functional space launch pads by 2029, ISRO chief reveals the expansion plan (26 October 2026)
- DT Next: Kulasekarapattinam to launch 1st rocket in March-April 2027, ISRO Chairman (2 November 2026)
- Deccan Chronicle: First rocket launch from Kulasekarapattinam likely in next March-April, ISRO chief (2 November 2026)
- Press Information Bureau: Cabinet approves the establishment of Third Launch Pad (16 January 2025)
- The Tribune: ISRO's third launch pad to be operational by March 2029, government tells Parliament (6 August 2025)
- ISRO: Commencement of the construction of SSLV Launch Complex at Kulasekarapattinam, Tamil Nadu (7 March 2025)
- ISRO: Foundation Stone Laid for Launch Pad at SSLV Launch Complex (SLC), Kulasekarapattinam (29 August 2025)
- ISRO: Technology Transfer Agreement signed for Small Satellite Launch Vehicle (SSLV) (11 September 2025)
- Business Standard: PM Modi lays foundation stone for new Isro launch complex in Tamil Nadu (28 February 2024)
- TechCrunch: India lays foundations for a new spaceport dedicated to smaller launches (28 February 2024)
- Deccan Chronicle: Kulasekarapattinam launch complex set to complete by Dec 26, ISRO chief (28 August 2025)
- SpaceNews: Indian solid SSLV rocket launches Earth observation satellite (SSLV-D3, August 2024)
- Deccan Herald: In a first, HAL wins contract to build small satellite launch vehicles (21 June 2025)
- ETV Bharat: Third launch pad at ISRO's Sriharikota spaceport will become operational in 4 years (30 December 2025)
- Government of Tamil Nadu: Tamil Nadu Space Industrial Policy 2025
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