चित्रण: tuput
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प्रेस सूचना ब्यूरो की 29 मई 2025 की विज्ञप्ति ने दीव की सौर क्षमता 11.88 मेगावाट बताई, और दीव का घोघला समुद्रतट 2020 में भारत के पहले आठ ब्लू फ़्लैग तटों में था। जिस केंद्र शासित प्रदेश के वे हिस्से हैं, उसमें तीन ज़िले, 603 वर्ग किलोमीटर और 2011 की जनगणना में 5,86,956 लोग हैं।
दीव की पूरी दिन की बिजली की माँग सौर ऊर्जा से पूरी होती है, नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा के केंद्रीय मंत्री ने 29 मई 2025 को कहा, और उनके दौरे की प्रेस सूचना ब्यूरो की विज्ञप्ति ने क्षमता 11.88 मेगावाट बताई, जिसमें 9 मेगावाट ज़मीन पर और 2.88 मेगावाट छतों पर है। दीव दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव केंद्र शासित प्रदेश के तीन ज़िलों में से एक है, जो 26 जनवरी 2020 को अस्तित्व में आया जब संसद के एक विलय अधिनियम ने दो प्रदेशों को एक में जोड़ दिया।
प्रदेश का अपना प्रशासन क्षेत्रफल दादरा और नगर हवेली का 491 वर्ग किलोमीटर, दमन का 72 और दीव का 40 बताता है, कुल 603। 2011 की जनगणना ने, जो नवीनतम प्रकाशित गिनती है, दादरा और नगर हवेली में 3,43,709 लोग, दमन में 1,91,173 और दीव में 52,074 पाए, जो कुल 5,86,956 बनते हैं।
प्रदेश कैसे बना
दादरा और नगर हवेली पर पुर्तगाल की पकड़ 1779 की पुणे की संधि और मराठा अनुदानों पर टिकी थी। अंतरराष्ट्रीय न्यायालय ने उन दस्तावेज़ों को राजस्व का अनुदान पढ़ा, संप्रभुता का हस्तांतरण नहीं। ज़िला प्रशासन कहता है कि पुर्तगालियों ने 1783 और 1785 के बीच यह इलाक़ा क़ब्ज़े में लिया और उनका शासन 2 अगस्त 1954 को समाप्त हुआ।
पुर्तगाल ने फिर हेग की अदालत से दमन और दोनों परिक्षेत्रों के बीच आवागमन के अधिकार की माँग की। 12 अप्रैल 1960 के अपने फ़ैसले में अदालत ने पाया कि 1954 में पुर्तगाल के पास निजी व्यक्तियों, नागरिक अधिकारियों और माल के लिए ऐसा अधिकार था, पर सशस्त्र बलों, सशस्त्र पुलिस, हथियारों और गोला-बारूद के लिए नहीं, और भारत ने अपने दायित्वों के विपरीत काम नहीं किया था। 12 जून 1961 को मुक्त दादरा और नगर हवेली की वरिष्ठ पंचायत ने भारत में एकीकरण माँगने का प्रस्ताव पारित किया। संविधान (दसवाँ संशोधन) अधिनियम, जो 16 अगस्त 1961 को अधिनियमित हुआ और 11 अगस्त से लागू माना गया, ने प्रदेश को पहली अनुसूची में केंद्र शासित प्रदेश के रूप में सूचीबद्ध किया। उसका उद्देश्य और कारण कथन, जिस पर जवाहरलाल नेहरू के हस्ताक्षर हैं, कहता है कि लोगों और पंचायत ने बार-बार एकीकरण माँगा था।
दमन और दीव की कहानी अलग है। वन विभाग का इतिहास कहता है कि पुर्तगालियों ने दमन 1559 में शाह के साथ एक संधि से पाया, और गुजरात के सुल्तान बहादुर शाह ने 1535 में एक रक्षात्मक गठबंधन के तहत उन्हें दीव का क़िला बनाने और सैनिक टुकड़ी रखने दी। भारतीय सेनाओं ने 19 दिसंबर 1961 को ऑपरेशन विजय में दीव पर क़ब्ज़ा किया, जिसका वर्णन गोवा की मुक्ति के हमारे विवरण में है। दमन और दीव 30 मई 1987 तक गोवा के साथ एक ही प्रदेश में रहे, जब गोवा राज्य बना और दमन और दीव अपना अलग केंद्र शासित प्रदेश बन गए, जैसा गोवा की रूपरेखा समझाती है।
संसद ने उन्हें क्यों मिलाया
दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव (केंद्र शासित प्रदेशों का विलय) अधिनियम, 2019 को राष्ट्रपति की स्वीकृति 9 दिसंबर 2019 को मिली। लोकसभा ने विधेयक 27 नवंबर को पारित किया था और संसद ने उसे 3 दिसंबर को पूरा किया। धारा 3 नए प्रदेश को उस “नियत दिन” पर बनाती है जिसे केंद्र को अधिसूचित करना था, और संविधान की पाद-टिप्पणियाँ तथा मंत्रिमंडल की जनवरी 2020 की विज्ञप्ति दोनों वह दिन 26 जनवरी 2020 बताती हैं।
गृह राज्य मंत्री ने 3 दिसंबर 2019 को राज्यसभा को कारण बताए। उन्होंने कहा कि दो सचिवालय और समानांतर विभाग थे, और प्रशासक, सचिव और कुछ विभागों के प्रमुख दोनों प्रदेशों में बारी-बारी से दिनों में काम करते थे। कर्मचारी अलग थे, और केंद्रीय विभागों को हर प्रदेश के साथ अलग से तालमेल बिठाना पड़ता था। उन्होंने जोड़ा कि सेवा की शर्तें और आरक्षण नहीं बदलेंगे।
केंद्रीय मंत्रिमंडल के फ़ैसलों ने, जो 22 जनवरी 2020 को जारी हुए, पहले व्यावहारिक क़दम तय किए। उसने केंद्रीय और प्रादेशिक जीएसटी क़ानूनों में संशोधन, विलय हुए प्रदेश के लिए संशोधित मूल्य वर्धित कर विनियम, दमन और दीव के अलग वैट विनियम और दादरा और नगर हवेली के उत्पाद शुल्क विनियम के निरसन, और एक संशोधित उत्पाद शुल्क क़ानून को मंज़ूरी दी, सब प्रदेश को साझा कर प्राधिकरण देने के लिए। उसने दमन को मुख्यालय भी नामित किया। अधिनियम की धारा 17 बाक़ी हर क़ानून को वहीं लागू रखती है जहाँ वह लागू था, और धारा 19 ने केंद्र को उन क़ानूनों को नए प्रदेश के अनुकूल बनाने के लिए दो साल दिए।
यह कैसे चलता है
संविधान का अनुच्छेद 239(1) कहता है कि केंद्र शासित प्रदेश का प्रशासन राष्ट्रपति करते हैं, उस प्रशासक के ज़रिये जिसे राष्ट्रपति नियुक्त करते हैं। अनुच्छेद 239A संसद को पुडुचेरी के लिए विधायिका बनाने देता है, और अनुच्छेद 239AA दिल्ली को कवर करता है। 2019 का अधिनियम विलय हुए प्रदेश के लिए कोई विधायिका नहीं बनाता, इसलिए प्रशासक उसे गृह मंत्रालय के अधीन सीधे चलाता है।
अनुच्छेद 240 राष्ट्रपति को सूचीबद्ध प्रदेशों की “शांति, प्रगति और सुशासन” के लिए विनियम बनाने की शक्ति देता है, और 26 जनवरी 2020 से उसकी प्रविष्टि (c) में “दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव” लिखा है। खंड (2) के तहत ऐसा विनियम संसद के अधिनियम को निरस्त या संशोधित कर सकता है और उसकी ताक़त वही है। नौवीं अनुसूची दिखाती है कि यहाँ यह रास्ता कितने समय से इस्तेमाल हो रहा है, क्योंकि वह दादरा और नगर हवेली भूमि सुधार विनियम, 1971 और उसके 1973 के संशोधन को सूचीबद्ध करती है। आठ केंद्र शासित प्रदेशों की हमारी तुलना इस व्यवस्था को दूसरों के बग़ल में रखती है।
अधिनियम की धारा 6 प्रदेश को लोकसभा की दो सीटें देती है। लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की पहली अनुसूची अब भी पहले की दो पंक्तियाँ दिखाती है, अनुसूचित जनजातियों के लिए आरक्षित दादरा और नगर हवेली और अनारक्षित दमन और दीव। चौथी अनुसूची राज्यसभा की सीटें तीन प्रदेशों को देती है, दिल्ली, पुडुचेरी और जम्मू और कश्मीर को, और इस प्रदेश को कोई नहीं। धारा 8 बंबई उच्च न्यायालय का अधिकार-क्षेत्र बनाए रखती है।
पैसा संसद पास करती है। 2026-27 के अनुदान माँगों के नोट प्रदेश को गृह मंत्रालय की माँग संख्या 54 के रूप में रखते हैं, जिसमें 2026-27 के लिए शुद्ध बजट अनुमान 2,832.70 करोड़ रुपये है, जिसमें 1,732.70 करोड़ रुपये राजस्व ख़र्च और 1,100 करोड़ रुपये पूँजी हैं। 2024-25 का वास्तविक ख़र्च 2,636.26 करोड़ रुपये था। उसी माँग में ज़िला और ग्राम पंचायतों तथा नगर परिषदों को अनुदान की मदें हैं, और प्रशासन सिलवासा, दमन और दीव में नगर परिषदें गिनाता है। संघीय बजट पर लेख समझाता है कि कोई माँग कैसे पास होती है।
ऐसी अर्थव्यवस्था जिसे राष्ट्रीय तालिकाएँ नहीं गिनतीं
सांख्यिकी मंत्रालय ने 24 जुलाई 2023 की एक विज्ञप्ति में कहा कि दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव, लद्दाख और लक्षद्वीप के साथ, राज्य घरेलू उत्पाद के अनुमान तैयार नहीं करते। इसलिए प्रति व्यक्ति शुद्ध राज्य घरेलू उत्पाद की उसकी राज्यवार तालिका में इस प्रदेश की कोई पंक्ति नहीं है।
आधिकारिक अनुमान के सबसे क़रीब की चीज़ पुरानी है और एक हिस्से को कवर करती है। मार्च 2016 में राष्ट्रीय व्यावहारिक आर्थिक अनुसंधान परिषद ने एक रिपोर्ट सौंपी, जिसे दमन और दीव सरकार ने कराया था, और वह कहती है कि प्रदेश का सकल राज्य घरेलू उत्पाद पहले कभी नहीं निकाला गया था। 2012-13 के लिए वह दमन और दीव का उत्पादन वर्तमान भावों पर 6,07,628 लाख रुपये (लगभग 6,076 करोड़ रुपये), यानी प्रति व्यक्ति 2,12,087 रुपये रखती है। रिपोर्ट की तालिकाओं के अनुसार उसका लगभग 78 प्रतिशत पंजीकृत कारख़ानों से आया, और रिपोर्ट उस साल 1,885 पंजीकृत कारख़ाने गिनती है, जिनमें 1,303 चालू थे। बिजली के उपकरण, प्लास्टिक और दवाइयाँ पंजीकृत विनिर्माण के औसत हिस्से के हिसाब से सबसे बड़े उद्योग थे, 17.9, 16.9 और 13.7 प्रतिशत पर। रिपोर्ट ने पाया कि जिन पाँच सालों का उसने अध्ययन किया, उनमें प्रति व्यक्ति उत्पादन औसतन भारत के 5.8 गुना था। रिपोर्ट आगाह करती है कि उसके उत्पादकता के आँकड़ों को सावधानी चाहिए, क्योंकि अनौपचारिक सबूत बताते हैं कि लोग गुजरात से प्रदेश में काम करने आते हैं और कोई डेटाबेस उन्हें नहीं गिनता। हमें दादरा और नगर हवेली या विलय हुए प्रदेश के लिए कोई बराबर आँकड़ा किसी ऐसे आधिकारिक दस्तावेज़ में नहीं मिला जिसे हम खोल सके।
इसे क्या अलग करता है
दमन और दीव एक-दूसरे से जुड़े नहीं हैं। 2016 की रिपोर्ट दोनों के बीच समुद्री दूरी 140 किलोमीटर और सड़क की दूरी 633 बताती है। दादरा और नगर हवेली में कोई तट नहीं है, वह गुजरात और महाराष्ट्र के बीच है, और ज़िला प्रशासन के अनुसार उसके क्षेत्रफल का 41.63 प्रतिशत वन के नीचे है।
दीव के सौर दावे दो आधिकारिक विज्ञप्तियों से आते हैं। प्रेस सूचना ब्यूरो की 23 अप्रैल 2018 की विज्ञप्ति ने कहा कि शहर पिछले साल तक अपनी 73 प्रतिशत बिजली गुजरात से आयात करता था, और 50 हेक्टेयर की पथरीली बंजर ज़मीन पर 9 मेगावाट के सौर पार्क तथा 79 सरकारी इमारतों की छतों पर पैनलों का वर्णन किया। उसने कहा कि आवासीय शुल्क 2017 में 10 प्रतिशत और 2018 में 15 प्रतिशत घटाए गए। 2025 की विज्ञप्ति में मंत्री ने कहा कि पार्क ने पारेषण और वितरण हानियाँ घटाईं और शुल्कों का ऐसा संशोधन संभव किया जिसने उन्हें अधिक सस्ता बनाया, और कि पिछले दशक का निवेश सौर बिजली की बिक्री से वसूल हो चुका है। उन्होंने दीव को अपनी पूरी बिजली माँग सौर ऊर्जा से पूरी करने वाला भारत का पहला ज़िला कहा, एक दावा जिसे विज्ञप्ति उन्हीं का बताती है।
दीव का घोघला समुद्रतट एक अंतरराष्ट्रीय जूरी द्वारा ब्लू फ़्लैग से सम्मानित आठ भारतीय समुद्रतटों में था, पर्यावरण मंत्रालय ने 11 अक्तूबर 2020 को घोषणा की। उस समय के केंद्रीय पर्यावरण मंत्री ने कहा कि किसी ब्लू फ़्लैग देश को एक ही कोशिश में आठ समुद्रतट नहीं मिले थे।
दादरा और नगर हवेली में जनजातीय हिस्सेदारी बड़ी है। 2011 की जनगणना में राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्रणाली संसाधन केंद्र का संकलन 3,43,709 में से 1,78,564 अनुसूचित जनजाति निवासी दिखाता है, यानी 52.0 प्रतिशत। ज़िला प्रशासन प्रमुख जनजातियों में वारली, कोकणा, ढोडिया और दुबला के नाम लेता है, और लोकसभा में उसकी सीट अनुसूचित जनजातियों के लिए आरक्षित है। प्रशासन का प्रोफ़ाइल तीनों ज़िलों की भाषाओं में गुजराती, मराठी और हिंदी के बगल में पुर्तगाली भी गिनाता है।
2011 का लिंगानुपात ज़िलों के बीच तेज़ी से अलग है, प्रशासन के आँकड़ों के अनुसार दमन में प्रति 1,000 पुरुषों पर 534 महिलाएँ, दादरा और नगर हवेली में 774 और दीव में 1,031। 2016 की रिपोर्ट ने दमन और दीव के संयुक्त अनुपात को सभी राज्यों और प्रदेशों में सबसे कम बताया, और उसने इस पैटर्न का एक हिस्सा 2002 और 2007 के बीच कारख़ानों की नौकरियों से खिंचे पुरुष कामगारों को बताया।
आगे क्या
इस प्रोफ़ाइल के 2011 के आँकड़े तब नए आँकड़ों को जगह देंगे जब अभी चल रही जनगणना प्रकाशित होगी, और परिसीमन का स्पष्टीकरण दिखाता है कि लोकसभा की सीटों की संख्या उन गिनतियों से कैसे जुड़ी है। 2025 की दीव समीक्षा में मंत्री ने पीएम सूर्य घर छत सौर योजना को तेज़ी से लागू करने को कहा, ताकि वह पहुँचा जा सके जिसे विज्ञप्ति पूर्ण घरेलू संतृप्ति कहती है।
स्रोत और आगे पढ़ने के लिए
- The Constitution of India, Legislative Department pocket edition as on May 2022 (Articles 239, 239A, 239AA, 240, First, Fourth and Ninth Schedules and amendment footnotes)
- The Dadra and Nagar Haveli and Daman and Diu (Merger of Union Territories) Act, 2019 (Act 44 of 2019), Gazette of India Extraordinary, 9 December 2019 (copy hosted by PRS Legislative Research)
- Press Information Bureau, Ministry of Home Affairs, 3 December 2019: Parliament passes the Dadra and Nagar Haveli and Daman and Diu (Merger of Union Territories) Bill, 2019
- Press Information Bureau, 22 January 2020: Cabinet approves amendments, extension and repeal in Acts dealing with GST, VAT and Excise Duty in view of the merger, and designation of Daman as headquarters
- The Constitution (Tenth Amendment) Act, 1961, with its Statement of Objects and Reasons (Dadra and Nagar Haveli)
- International Court of Justice: Right of Passage over Indian Territory (Portugal v. India), Judgment of 12 April 1960, summary
- U.T. Administration of Dadra and Nagar Haveli and Daman and Diu: UT at a Glance (area, 2011 Census population, languages, municipal councils)
- Dadra and Nagar Haveli district administration: district profile and history
- Forest Department, Dadra and Nagar Haveli and Daman and Diu: Introduction to Daman
- Forest Department, Dadra and Nagar Haveli and Daman and Diu: Introduction to Diu
- The Representation of the People Act, 1950, First Schedule, allocation of Lok Sabha seats (copy hosted by the Telangana High Court)
- Union Budget 2026-27, Notes on Demands for Grants, Ministry of Home Affairs, Demand No. 54 (Dadra and Nagar Haveli and Daman and Diu)
- Press Information Bureau, Ministry of Statistics and Programme Implementation, 24 July 2023: State-wise data on per capita income
- NCAER for the Government of Daman and Diu: Gross State Domestic Product of Daman and Diu, Final Report, 21 March 2016
- Press Information Bureau, Ministry of New and Renewable Energy, 29 May 2025: Diu is a National Example in Renewable Energy
- Press Information Bureau, Ministry of Housing and Urban Poverty Alleviation, 23 April 2018: Diu Smart City becomes first to run on 100% Renewable Energy during Daytime
- Press Information Bureau, Ministry of Environment, Forest and Climate Change, 11 October 2020: all 8 beaches recommended by the government get International Blue Flag Certification
- National Health Systems Resource Centre: Demographic Status of Scheduled Tribe Population from Census Data (2011 Census)
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